मंत्री ने ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन को अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया

देहरादून, । प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्वच्छ भारत मिशन सिटी क्लस्टर वर्कशाप विषय पर ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन को अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया। नेशनल इन्स्टीट्यूट आॅफ अर्बन अफेयर्स नई दिल्ली एवं फीडबैक फाउण्डेशन गुड़गांव के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वर्कशाप का उद्घाटन करने हुए कहा कि हमारा प्रदेश स्वच्छता की दिशा में बेहतर परिणाम दे रहा है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण रक्षा की जिम्मेदारी अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तराखण्ड की अधिक है। इसलिए पूरा प्रदेश एकजुट होकर भारत स्वच्छता मिशन को सफल बनायें, जिससे पूरे देश में यह संदेश जाए कि स्वच्छता मिशन का सम्पूर्ण लक्ष्य पूरा करने में उत्तराखण्ड का स्थान पहले है। मंत्री ने कहा स्वच्छता के क्षेत्र में बदलाव न तो अकेले प्रधानमंत्री कर सकता है और न ही मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी कर सकते हैं। इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा स्वच्छता आत्म सम्मान का भी प्रश्न है। स्वच्छता से सभी को आत्मसन्तोष मिलेगा। मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से भारत वर्ष को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती यानी 2 अक्टूबर, 2019 तक स्वच्छ एवं खुले में शौच मुक्त करने की एतिहासिक अपील की गई थी। उसके उपरान्त मिशन मोड़ में स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन प्रारम्भ किया गया। ताकि 2 अक्टूबर, 2019 तक देश को स्वच्छ एवं खुले में शौच मुक्त बनाया जा सके।
अत्यधिक हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड ने यह लक्ष्य निर्धारित अवधि से लगभग 1.5 वर्ष पूर्व ही प्राप्त कर लिया। राज्य के समस्त 100 निकायों द्वारा खुले में शौच मुक्त यानी ओ.डी.एफ. होने की घोषणा की जा चुकी है तथा वर्तमान तक 96 निकायों के दावों की पुष्टि क्यू.सी.आई. द्वारा थर्ट पार्टी इन्सपेक्सन के उपरान्त की जा चुकी है। इस उपलब्धि के लिए मिशन से जुडे समस्त अधिकारीगण, कर्मचारीगण, गैर-सरकारी संस्थान एवं प्रबुद्ध जनता बधाई की पात्र है। विशेषकर पत्रकार बन्धु जिन्होंने अपने समाचार पत्रों एवं मीडिया चैनलों में स्वच्छता के विषय को प्रमुखता से चलाया। प्रदेश सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राज्य की नगर निकायों को बेहतर प्रदर्शन  हेतु प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टाॅप 200 रैंकिग में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान बनाने वाली नगर निकायों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की थी। मुझे खुशी है कि राज्य की निकायों ने अपनी रैंकिंग में व्यापक सुधार किया है तथा नगर निगम रूड़की ने टाॅप 200 रैकिंग में अपनी जगह कायम की है। उत्तर भारत क्षेत्र की रैकिंग में राज्य की निकायों ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। मुझे उम्मीद ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि ओ.डी.एफ. स्टेट्स प्राप्त करने के उपरान्त गार्बेज फ्री सिटीज विकसित करने की भारत सरकार की इस नयी मुहिम में भी राज्य के निकाय अपना दमदार प्रदर्शन करेंगे। ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन विषय पर आयोजित आज के क्षमता अभिवृद्धि कार्यक्रम में एन.आई.यू.ए. भारत सरकार से पधारे प्रतिनिधि, निदेशक शहरी विकास, शहरी विकास तकनीकी अधिकारी, फिडबैक फाउंडेशन तथा निदेशालय के समस्त अधिकारीगण एवं नगर निकायों से आये नगर आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारी इत्यादि मौजूद थे।

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